माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ त्रिकालज्ञानसम्पन्नायै नमः ॐ भुवनेश्वर्यै नमः।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिनके एक मंद कटाक्ष (कृपा-दृष्टि) से ब्रह्मा, इन्द्र और शिव वैभव प्राप्त करते हैं, उन त्रैलोक्य को अपना कुटुंब मानने वाली, कमल पर विराजने वाली मुकुंद-प्रिया की मैं वंदना करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
भूत, भविष्य और वर्तमान को जानने की अतींद्रिय क्षमता (Intuition) का विकास
विस्तृत लाभ
भूत, भविष्य और वर्तमान को जानने की अतींद्रिय क्षमता (Intuition) का विकास 41।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये त्रिलोकात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ कवचिने नमः
ॐ कञ्जलोचनाय नमः
हस्तीन्द्राननमिन्दुचूडमरुणच्छायं त्रिनेत्रं रसात् आलिष्टं प्रियया सपद्मकरया स्वाङ्कस्थया सन्ततम् । बीजपूर गदेक्षु कार्मुकलसच्चक्राब्ज पाशोत्पल व्रीह्यग्रस्वविषाण रत्नकलशान् हस्तैर्वहन्तं भजे ॥
ॐ विजयाय नमः
ॐ सनातनाय नमः