शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ मायायै नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारपाञ्चरात्र अनुचर मंत्र (माया)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके एक मंद कटाक्ष (कृपा-दृष्टि) से ब्रह्मा, इन्द्र और शिव वैभव प्राप्त करते हैं, उन त्रैलोक्य को अपना कुटुंब मानने वाली, कमल पर विराजने वाली मुकुंद-प्रिया की मैं वंदना करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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भगवान की अघटन-घटन-पटीयसी माया को समझने की क्षमता और उससे मुक्ति
विस्तृत लाभ
भगवान की अघटन-घटन-पटीयसी माया को समझने की क्षमता और उससे मुक्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कमलजायै नमः
ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात् ॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सर्वभूतात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ सर्वोपास्याय नमः
ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुरामः प्रचोदयात्।
आग्नेये रूरु भैरवाय नमः आग्नेये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।