शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ नारसिंहाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसर्वस्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो नर और सिंह के संयुक्त रूप में अवतरित हुए हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन के सभी सामान्य और असामान्य संकटों का त्वरित हरण
विस्तृत लाभ
जीवन के सभी सामान्य और असामान्य संकटों का त्वरित हरण।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
निराकारमोंकारमूलं तुरीयं। गिरा ज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम्॥
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥
ॐ सिद्धाय नमः।
ॐ अग्निगर्भाय नमः
ॐ कल्पलतायै नमः
ॐ कवये नमः