शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ लक्ष्मी मंत्र
ॐ रमायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्री हरि के साथ रमण करने वाली (रमा) देवी को नमन 57।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम ग्रह बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ क्षत्रवट नरसिंहाय नमः
बिस्व भरन पोषन कर जोई। ताकर नाम सत्य अस होई॥
ॐ ह्लीं श्रीं राधिकायै नमः
भद्रकाली महाकाली किलिकिले फट् स्वाहा
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥