शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ ब्रह्माण्डकोटयः कट्यां यस्यासौ पातु मे कटिम्
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकटि (कमर) / विराट रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके कटि में कोटि-कोटि ब्रह्मांड स्थित हैं, वे मेरी कटि की रक्षा करें। (शारीरिक सुदृढ़ता)।
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