शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ वायुसारथये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवेग-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वायु को अपने रथ का सारथी बनाने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
रुके हुए कार्यों में अत्यधिक गति और प्रगति
विस्तृत लाभ
रुके हुए कार्यों में अत्यधिक गति और प्रगति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यश्छन्दसामृषभो विश्वरूपः। छन्दोभ्योऽध्यमृतात्सम्बभूव। स मेन्द्रो मेधया स्पृणोतु। अमृतस्य देव धारणो भूयासम्॥
देवि प्रसीद परिपालय नोऽरिभीतेर्नित्यं यथासुरवधादधुनैव सद्यः। पापानि सर्वजगतां प्रशमं नयाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान्॥ 18
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ॐ वृषभानुसुतायै नमः
ॐ दुर्निरीक्ष्याय नमः
त्रैलोक्यनाथाय नमः ॐ रामाय हुं फट् स्वाहा