शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ विजयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवीर स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सर्वदा विजयी हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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कानूनी विवादों, मुकदमों और लंबी चलने वाली कानूनी लड़ाइयों में निश्चित जीत
विस्तृत लाभ
कानूनी विवादों, मुकदमों और लंबी चलने वाली कानूनी लड़ाइयों में निश्चित जीत।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कृष्णशक्त्यै नमः
कैलासशिखरे रम्ये शंकरं लोकशंकरम्। पार्वत्युवाच- त्वत्तः श्रुतान्यशेषाणि जामदग्न्यस्य साम्प्रतम्॥
ॐ आनन्दाय नमः
ॐ ज्वलन्नेत्राय नमः।
ॐ नमस्ते गणपतये ॥ त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि ॥ त्वमेव केवलं कर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं धर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं हर्ताऽसि ॥ त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि ॥ त्वं साक्षादात्माऽसि नित्यम् ॥
अन्तर्बहिश्च तत्सर्वं व्याप्य नारायणः स्थितः