शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ अमृताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपअमृत स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मृत्युंजय, अमृत स्वरूप देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मृत्यु-भय का नाश और अमरत्व की ओर गमन
विस्तृत लाभ
मृत्यु-भय का नाश और अमरत्व की ओर गमन।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
य इदं कवचं श्रीदं पठेद्विष्णुप्रियात्मकम्। त्रैलोक्यं विजितं तेन येन वा धारितं भवेत्॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम मनोवांछित कार्य सिद्धिं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमपुरुषः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ महाकायाय नमः
ॐ महोग्रः पूर्वतः पातु महावीराग्रजोऽग्नितः
ॐ त्रैलोक्यवासिन्यै नमः