शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ ब्रह्मर्षये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपब्रह्मर्षि
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्हें क्षत्रिय कर्म करने पर भी ब्रह्मर्षि का उच्च पद प्राप्त है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
श्रेष्ठ ज्ञान
विस्तृत लाभ
श्रेष्ठ ज्ञान
जप काल
नित्य
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ॐ शब्दब्रह्मस्वरूपिण्यै नमः
ॐ अध्यक्षरायै नमः
को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
सुरगुरुसुरवरपूजितलिङ्गं सुरवनपुष्पसदार्चितलिङ्गम्। परात्परं परमात्मकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
वृत्तोत्फुल्लविशालाक्षं विपक्षक्षयदीक्षितम्। निनादत्रस्तविश्वाण्डं विष्णुमुग्रं नमाम्यहम्॥
ॐ परब्रह्मणे नमः