शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ कमनीयविभूषणायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका नैसर्गिक सौन्दर्य ही उनका सबसे बड़ा आभूषण है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बाह्य आभूषणों की आवश्यकता से परे आत्म-सौन्दर्य का बोध
विस्तृत लाभ
बाह्य आभूषणों की आवश्यकता से परे आत्म-सौन्दर्य का बोध।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महायोगिने नमः
जपतां कवचं नित्यं सर्वसौभाग्यपूरितम्। इति श्रीविष्णुयामले उपरिभागे जामदग्न्यदिव्याञ्जनसिद्धिकल्पे श्रीभार्गवकवचं सम्पूर्णम्॥
ॐ रामेष्टाय नमः
स्वस्ति श्रीगणनायको गजमुखो मोरेश्वरः सिद्धिदः बल्लाळस्तु विनायकस्तथा मढे चिन्तामणिस्थेवर । लेण्याद्रौ गिरिजात्मजः सुवरदो विघ्नेश्वरश्चोझरे ग्रामे रांजणसंस्थितो गणपतिः कुर्यात् सदा मङ्गलम् ॥
ॐ शिवाय नमः
ॐ दीप्तायै नमः