शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ कृतागमाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपशास्त्र रचयिता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने आगमों, शास्त्रों और कल्पसूत्रों का निर्माण किया।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विद्या
विस्तृत लाभ
विद्या
जप काल
अध्ययन पूर्व
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यज्ञभोक्त्रे नमः
मया सो अन्नमत्ति यो विपश्यति यः प्राणिति य ईं शृणोत्युक्तम्। अमन्तवो मां त उप क्षियन्ति श्रुधि श्रुत श्रद्धिवं ते वदामि॥
वृत्तोत्फुल्लविशालाक्षं विपक्षक्षयदीक्षितम्। निनादत्रस्तविश्वाण्डं विष्णुमुग्रं नमाम्यहम्॥
ॐ क्षुद्रघण्टायै नमः
ॐ अघोररूपाय नमः।
निराकारमोंकारमूलं तुरीयं। गिरा ज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम्॥