शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ प्रतापनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपज्वाला स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो शत्रुओं को अपने तेज से ताप (पीड़ा) देते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विरोधियों की शक्तियों का क्षरण और उनके अहंकार का दमन
विस्तृत लाभ
विरोधियों की शक्तियों का क्षरण और उनके अहंकार का दमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कारागृहविमोक्त्रे नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम अकाल मृत्यु निवारय निवारय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ कलिप्रसवै नमः
ॐ वैकुण्ठनगरवासिन्यै नमः
जिन्होंने संपूर्ण पृथ्वी को जीतकर अश्वमेध यज्ञ में महर्षि कश्यप को दान कर दिया, उन पृथ्वी-पति को नमस्कार। (लाभ: संपत्ति एवं राज्याधिकार की प्राप्ति) 19।
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥