शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ रणरङ्गजयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरण-विजेता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
रणभूमि (युद्ध) में सदा विजयी रहने वाले स्वामी को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मुकदमों, प्रतियोगिताओं और संघर्षों में निश्चित जीत
विस्तृत लाभ
मुकदमों, प्रतियोगिताओं और संघर्षों में निश्चित जीत।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ लोककृते नमः
आवत हियँ हरषीं नहिं नैनन्हि नहिं सनेह। तुलसी तहाँ न जाइये कंचन बरसे मेह॥
ॐ महासूक्ष्मायै नमः
बालार्कारुणकान्तिर्वामे बालां वहन् अङ्के । लसदिन्दीवर हस्तं गौराङ्गीं रत्नशोभाढ्याम् ॥ दक्षे अङ्कुश वरदानं वामे पाशं च पायसं पात्रम् । नीलांशुक समान पीठपद्मारुणे तिष्ठन् संकटहरणः पायात् ॥
ॐ कर्पूरसागरालयायै नमः
सीसं च मे त्रपु च मे श्यामं च मे लोहं च मे...