शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ रणरङ्गजयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपरण-विजेता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
रणभूमि (युद्ध) में सदा विजयी रहने वाले स्वामी को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मुकदमों, प्रतियोगिताओं और संघर्षों में निश्चित जीत
विस्तृत लाभ
मुकदमों, प्रतियोगिताओं और संघर्षों में निश्चित जीत।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ओङ्काररूपिण्यै देव्यै नमः
ॐ सत्यवाचे नमः
विष्णवे जिष्णवे महाविष्णवे प्रविष्णवे महेश्वराय
ॐ दुर्गमार्थस्वरूपिण्यै नमः
ॐ गं ग्लौं श्रौं ग्लौं गं ॐ नमः
श्रीं वाग्देवतायै स्वाहा भालं मे सर्वदाऽवतु। (स्वरूप: वाग्देवता | लाभ: मस्तक, आज्ञा चक्र व विचार-केंद्र की रक्षा | अर्थ: श्रीं बीज रूपी वाग्देवता मेरे ललाट की सदा रक्षा करें) 8