शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ श्रीहरिप्रियायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारकनकधारा स्तोत्र (श्लोक 1) *
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्री हरि को सर्वाधिक प्रिय देवी को नमन 50।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15
02
* विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44
03
*
विस्तृत लाभ
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15। * विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44। *
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ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
भानुकोटिभास्वरं भवाब्धितारकं परं नीलकण्ठमीप्सितार्थदायकं त्रिलोचनम्।
मङ्गलम् भगवान विष्णुः मङ्गलम् गरुणध्वजः
ॐ करालास्यायै नमः