शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ श्रुतिगम्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्हें केवल वेदों (श्रुति) के श्रवण और मनन से ही जाना जा सकता है।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वेदात्मने नमः
ॐ पुरुषाय नमः
आस्तेऽद्यापि महेन्द्राद्रौ न्यस्तदण्डः प्रशान्तधीः। उपगीयमानचरितः सिद्धगन्धर्वचारणैः॥
यस्याः प्रभावमतुलं भगवाननन्तो ब्रह्मा हरश्च न हि वक्तुमलं बलं च। सा चण्डिकाखिलजगत्परिपालनाय नाशाय चाशुभभयस्य मतिं करोतु॥ 18
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतक्लेशनाशाय
ॐ ह्रीं बटुकाय मम तंत्र बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।