शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ तुष्ट्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
तुष्टि (संतुष्टि) स्वरूपा को नमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्रद्युम्नाय नमः
ॐ अमलायै नमः
ॐ कोलाहलाय नमः
ॐ ऐं श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै बुधजनन्यै स्वाहा दक्षिणे मां सदाऽवतु। (अर्थ: ज्ञानियों की माता दक्षिण दिशा में रक्षा करें) 8
वीणां कल्पलतां अरिं च वरदं दक्षे विदत्ते करैः वामे तामरसं च रत्नकलशं सन्मञ्जरीं चाभयम् । शुण्डादण्ड लसन्मृगेन्द्रवदनः शङ्खेन्दुगौरः शुभो दीव्यद्रत्ननिभांशुकः गणपतिः पायादपायात्स नः ॥
ॐ अनन्तदृष्टये नमः