शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ धनहारिणे नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अहंकारियों का धन हरने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जो पापों का हरण करने वाले साक्षात् भगवान हरि (विष्णु) स्वरूप हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पाप-नाश) 19।
अहमेव स्वयमिदं वदामि जुष्टं देवेभिरुत मानुषेभिः। यं कामये तं तमुग्रं कृणोमि तं ब्रह्माणं तमृषिं तं सुमेधाम्॥
ॐ चक्रपाणये नमः
ॐ ज्ञानदीपाय नमः
ॐ सर्वकूटशरीरिण्यै नमः
ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै महालक्ष्म्यै एह्येहि सर्वसौभाग्यं देहि मे स्वाहा।