शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ गोविन्दवल्लभायै देव्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो गोविन्द की सबसे प्रिय वल्लभा देवी हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
गोविन्द (कृष्ण) की भक्ति की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
गोविन्द (कृष्ण) की भक्ति की प्राप्ति।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ परमात्मने नमः
ॐ अनन्तगुणगम्भीराय नमः
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8
ॐ सर्वगतायै नमः
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।
ॐ स्यमन्तकमणेर्हर्त्रे नमः