शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ वर्णाश्रमगुरवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपवर्णाश्रम गुरु
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो चारों वर्णों और आश्रमों के धर्म का उपदेश देने वाले गुरु हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धर्म ज्ञान
विस्तृत लाभ
धर्म ज्ञान
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मनसः काममाकूतिं वाचः सत्यमशीमहि। पशूनां रूपमन्नस्य मयि श्रीः श्रयतां यशः॥
एकदन्तं महाकायं तप्तकाञ्चनसन्निभम् । लम्बोदरं विशालाक्षं वन्देऽहं गणनायकम् ॥
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥
तमर्वन्तं न सानसिमरुषं न दिवः शिशुम् । मर्मृज्यन्ते दिवेदिवे ॥
ॐ उदारकीर्तये नमः
ॐ शुभप्रदा पातु पृष्ठं।