शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ पुरुषोत्तमाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरम पुरुष
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सभी पुरुषों (जीवों) में उत्तम हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
साधक के चरित्र में सत्य, न्याय और मर्यादा जैसे उत्तम गुणों का विकास
विस्तृत लाभ
साधक के चरित्र में सत्य, न्याय और मर्यादा जैसे उत्तम गुणों का विकास।
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ॐ नवनिधिप्रदाय नमः
अनन्तकोटिविष्णुलोकनम्रपद्मजार्चिते हिमाद्रिजापुलोमजाविरिञ्चिजावरप्रदे। अपारसिद्धिरिद्धिदिग्दिगन्तकीर्तिदिगधमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
उदीच्यां भीषण भैरवाय नमः उदीच्यां मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ कलानन्दायै नमः
ॐ योगाय नमः
ॐ विष्णुवक्षःस्थलस्थितायै नमः