शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ सर्वयोगविनिःसृताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी प्रकार की भौतिक आसक्तियों से मुक्त
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सांसारिक मोह से सच्चा वैराग्य
विस्तृत लाभ
सांसारिक मोह से सच्चा वैराग्य 82
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
सिन्दूराभमिभाननं त्रिनयनं च पाशाङ्कुशौ बिभ्राणं मधुमत्कपालमनिशं साद्विन्दुमौलिं भजे । पुष्ट्या श्लिष्टतनुं ध्वजाग्रकरया पद्मोल्लसद्धस्तया तद्योन्याहितपाणिमात्तवसुमत पात्रोल्लसत्पुष्करम् ॥
ॐ परस्मै धाम्ने नमः
ॐ सर्वैकपावनाय नमः
ॐ भस्मोद्धूलितविग्रहाय नमः
ॐ मधुघ्ने नमः