शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
सुरगुरुसुरवरपूजितलिङ्गं सुरवनपुष्पसदार्चितलिङ्गम्। परात्परं परमात्मकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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टिप्पणी
परामात्मा से योग
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
ॐ शूराय नमः
ॐ ईशाय नमः
कविजिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहा मां वारुणेऽवतु। (अर्थ: कवियों की जिह्वा में बसने वाली देवी पश्चिम में रक्षा करें) 8
पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः।
ॐ जामदग्नाय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुरामः प्रचोदयात्