शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा मंत्र
ॐ वासिष्ठादिमुनिश्रेष्ठवन्दिताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवसिष्ठ-पूज्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महर्षि वसिष्ठ आदि श्रेष्ठ मुनियों द्वारा वंदित देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कुल-परंपराओं और संस्कारों की रक्षा
विस्तृत लाभ
कुल-परंपराओं और संस्कारों की रक्षा।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वशास्त्रवासिन्यै स्वाहैशान्यां सदाऽवतु। (अर्थ: सभी शास्त्रों में बसने वाली देवी ईशान कोण में रक्षा करें) 8
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौं ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ।
ॐ गुह्यं मे पातु गुह्यानां मन्त्राणां गुह्यरूपधृक्
ॐ अवलम्बायै नमः
ॐ अनघाय नमः
स्वदन्त पाशाङ्कुश रत्नपात्रं करैर्दधानो हरिनीलगात्रः । रक्तांशुको रत्नकिरीटमाली भूत्यै सदा मे द्विमुखो गणेशः ॥