शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ अग्नाविष्णू सजोषसेमा वर्धन्तु वां गिरः। द्युम्नैर्वाजेभिरागतम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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टिप्पणी
हे अग्नि और विष्णु! आप दोनों प्रसन्न होकर मेरे वचनों को पुष्ट करें
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ऐं ह्रीं श्रीं क्रौं हौं ह्रूं क्षूं लाट भैरवाय क्षूं ह्रूं हौं क्रौं श्रीं ह्रीं ऐं नमः।
जो पापों का हरण करने वाले साक्षात् भगवान हरि (विष्णु) स्वरूप हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पाप-नाश) 19।
ॐ कृतिने नमः
ॐ सर्वतीर्थमयाय नमः
ॐ सुदर्शनाय विद्महे महाज्वालाय धीमहि तन्नो चक्रः प्रचोदयात्।
ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः