शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ललिता महात्रिपुरसुन्दरी मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुरसुन्दर्यै नमः॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारश्रीविद्या (षोडशी) मंत्र |
स्वरूपराजराजेश्वरी ललिता महात्रिपुरसुंदरी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अप्रतिम सौंदर्य, प्रबल आकर्षण, कुण्डलिनी जागरण और सांसारिक ऐश्वर्य
विस्तृत लाभ
अप्रतिम सौंदर्य, प्रबल आकर्षण, कुण्डलिनी जागरण और सांसारिक ऐश्वर्य 15।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
न च प्राणसंज्ञो न वै पंचवायुः... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
ॐ नियमाय नमः
ॐ कराल्यै नमः
ॐ निर्गुणाय नमः
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ नमो भगवते रामभद्राय