कल्याणकारी भवानी मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं भगवति भवानि देवि स्वाहा॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
ज्ञान, माया और काम बीज से युक्त हे भगवती भवानी! मैं आपके निमित्त यह आहुति (स्वाहा) समर्पित करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
पंचतत्वों पर नियंत्रण, सर्व-सुख की प्राप्ति और आध्यात्मिक जागरण
विस्तृत लाभ
पंचतत्वों पर नियंत्रण, सर्व-सुख की प्राप्ति और आध्यात्मिक जागरण 12।
जप काल
संध्या काल में लाल आसन पर बैठकर जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ फालनेत्रसुताय नमः
ॐ अचिन्त्याद्भुतरूपिण्यै नमः
ॐ कदम्बपुष्पमालिन्यै नमः
देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम्।
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्मि मम गृहे धनं पूरय पूरय स्वाहा।
ॐ श्रीं ह्रीं ब्राह्म्यै स्वाहेति दन्तपङ्क्तीः सदाऽवतु। (स्वरूप: ब्राह्मी | लाभ: दाँतों और स्पष्ट वाचन-स्थान की रक्षा | अर्थ: ब्राह्मी देवी मेरी दंत-पंक्तियों की सदा रक्षा करें) 8