शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
क्लीं सौः सम्पुटित मन्त्र
ॐ ऐं क्लीं सौः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतांत्रिक कुण्डलिनी मन्त्र
स्वरूपवाग्देवी / कामकला
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ज्ञान (ऐं), आकर्षण/इच्छा-पूर्ति (क्लीं), और शक्ति/परावाक् (सौः) स्वरूपा देवी को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आकर्षण, बुद्धि-विकास, कला के माध्यम से जन-वशीकरण और अभीष्ट सिद्धि
विस्तृत लाभ
आकर्षण, बुद्धि-विकास, कला के माध्यम से जन-वशीकरण और अभीष्ट सिद्धि।
जप काल
ध्यान के समय आज्ञा चक्र पर मानस जप।
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