ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

क्लीं सौः सम्पुटित मन्त्र

ॐ ऐं क्लीं सौः।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारतांत्रिक कुण्डलिनी मन्त्र
स्वरूपवाग्देवी / कामकला
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

ज्ञान (ऐं), आकर्षण/इच्छा-पूर्ति (क्लीं), और शक्ति/परावाक् (सौः) स्वरूपा देवी को नमन।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

आकर्षण, बुद्धि-विकास, कला के माध्यम से जन-वशीकरण और अभीष्ट सिद्धि

विस्तृत लाभ

आकर्षण, बुद्धि-विकास, कला के माध्यम से जन-वशीकरण और अभीष्ट सिद्धि।

जप काल

ध्यान के समय आज्ञा चक्र पर मानस जप।

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