शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री सरस्वती बीज मन्त्र
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारबीज-युक्त ध्यान मन्त्र
स्वरूपविद्यादायिनी सरस्वती
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ओंकार और वाग्भव बीज 'ऐं' स्वरूप वाली देवी सरस्वती को मेरा नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शिक्षा में सफलता, कला में निपुणता और स्मरण-शक्ति में तीव्र सुधार
विस्तृत लाभ
शिक्षा में सफलता, कला में निपुणता और स्मरण-शक्ति में तीव्र सुधार।
जप काल
अध्ययन से पूर्व 108 बार जप (रुद्राक्ष या स्फटिक माला से)।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
करस्थ कदली चूत पनसेक्षुक मोदकम्। बालसूर्य प्रभाकारं वन्देऽहं बालगाणपतिम्॥
ॐ साधकानन्दसन्तोषायै नमः
ॐ हृषीकेशाय नमः
ॐ वन्दनाप्रियाय नमः
ॐ कमलाकुञ्जवासिन्यै नमः