शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
पद्मासने शब्दरूपे मन्त्र
ॐ पद्मासने शब्दरूपे ऐं ह्रीं क्लीं वद वद वाग्वादिनी स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतांत्रिक वाक्-सिद्धि मन्त्र
स्वरूपशब्दरूपा, पद्मासना
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कमल पर विराजमान, शब्द-स्वरूपा, हे वाग्वादिनी, मेरे मुख से प्रवाहित हों।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
उत्तम भाषण कला, वाद-विवाद प्रतियोगिता में विजय और शब्दों पर जादुई अधिकार
विस्तृत लाभ
उत्तम भाषण कला, वाद-विवाद प्रतियोगिता में विजय और शब्दों पर जादुई अधिकार।
जप काल
भाषण या शास्त्रार्थ मंच पर जाने से पूर्व।
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