पद्मासने शब्दरूपे मन्त्र
ॐ पद्मासने शब्दरूपे ऐं ह्रीं क्लीं वद वद वाग्वादिनी स्वाहा।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
कमल पर विराजमान, शब्द-स्वरूपा, हे वाग्वादिनी, मेरे मुख से प्रवाहित हों।
इस मंत्र से क्या होगा?
उत्तम भाषण कला, वाद-विवाद प्रतियोगिता में विजय और शब्दों पर जादुई अधिकार
विस्तृत लाभ
उत्तम भाषण कला, वाद-विवाद प्रतियोगिता में विजय और शब्दों पर जादुई अधिकार।
जप काल
भाषण या शास्त्रार्थ मंच पर जाने से पूर्व।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ धरणीपालकाय नमः
ॐ पद्मनाभाय नमः
ॐ राजीवलोचनाय नमः
ॐ गुणाकराय नमः
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ हिरण्यकशिपुध्वंसिने नमः