ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

पद्मासने शब्दरूपे मन्त्र

ॐ पद्मासने शब्दरूपे ऐं ह्रीं क्लीं वद वद वाग्वादिनी स्वाहा।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारतांत्रिक वाक्-सिद्धि मन्त्र
स्वरूपशब्दरूपा, पद्मासना
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

कमल पर विराजमान, शब्द-स्वरूपा, हे वाग्वादिनी, मेरे मुख से प्रवाहित हों।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

उत्तम भाषण कला, वाद-विवाद प्रतियोगिता में विजय और शब्दों पर जादुई अधिकार

विस्तृत लाभ

उत्तम भाषण कला, वाद-विवाद प्रतियोगिता में विजय और शब्दों पर जादुई अधिकार।

जप काल

भाषण या शास्त्रार्थ मंच पर जाने से पूर्व।

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