शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ईशान रक्षा
ॐ सर्वशास्त्रवासिन्यै स्वाहैशान्यां सदाऽवतु। (अर्थ: सभी शास्त्रों में बसने वाली देवी ईशान कोण में रक्षा करें) 8
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वकर्मणे नमः
हुं नमो भगवते महाकाल भैरवाय कालाग्नितॆजसे अमुक शत्रुं मारय-मारय पोथय-पोथय हुं फट् स्वाहा।
नमो अस्तु नीलग्रीवाय सहस्राक्षाय मीढुषे। अथो ये अस्य सत्त्वानोऽहं तेभ्योऽकरं नमः॥
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे॥
ॐ सर्वतीर्थात्मकाय नमः
ॐ गोपीवल्लभाय विद्महे तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्।