शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री हनुमत् मूल मंत्र
ॐ श्री हनुमते नमः॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारमूल मंत्र (Moola Mantra)
स्वरूपसर्व-स्वरूप / भक्त हनुमान
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मैं भगवान श्री हनुमान जी को सादर साष्टांग प्रणाम करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
यह आधारभूत मंत्र है जो शारीरिक बल, अपार सहनशक्ति, संकटों से मुक्ति और जीवन में सर्वांगीण कार्य-सिद्धि प्रदान करता है
विस्तृत लाभ
यह आधारभूत मंत्र है जो शारीरिक बल, अपार सहनशक्ति, संकटों से मुक्ति और जीवन में सर्वांगीण कार्य-सिद्धि प्रदान करता है 24।
जप काल
प्रातःकाल स्नानोपरांत, लाल आसन पर पूर्वाभिमुख होकर, लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से नित्य 108 बार जप।
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