ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

श्री हनुमत् मूल मंत्र

ॐ श्री हनुमते नमः॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारमूल मंत्र (Moola Mantra)
स्वरूपसर्व-स्वरूप / भक्त हनुमान
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

मैं भगवान श्री हनुमान जी को सादर साष्टांग प्रणाम करता हूँ।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

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यह आधारभूत मंत्र है जो शारीरिक बल, अपार सहनशक्ति, संकटों से मुक्ति और जीवन में सर्वांगीण कार्य-सिद्धि प्रदान करता है

विस्तृत लाभ

यह आधारभूत मंत्र है जो शारीरिक बल, अपार सहनशक्ति, संकटों से मुक्ति और जीवन में सर्वांगीण कार्य-सिद्धि प्रदान करता है 24।

जप काल

प्रातःकाल स्नानोपरांत, लाल आसन पर पूर्वाभिमुख होकर, लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से नित्य 108 बार जप।

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