शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ वातरोगहराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवैद्यनाथ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वात आदि शारीरिक रोगों को हरने वाले वैद्य स्वरूप को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जोड़ों के दर्द, गठिया व वात-व्याधियों से शारीरिक मुक्ति
विस्तृत लाभ
जोड़ों के दर्द, गठिया व वात-व्याधियों से शारीरिक मुक्ति।
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सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात्
स्वस्ति श्रीगणनायको गजमुखो मोरेश्वरः सिद्धिदः बल्लाळस्तु विनायकस्तथा मढे चिन्तामणिस्थेवर । लेण्याद्रौ गिरिजात्मजः सुवरदो विघ्नेश्वरश्चोझरे ग्रामे रांजणसंस्थितो गणपतिः कुर्यात् सदा मङ्गलम् ॥
यः शुचिः प्रयतो भूत्वा जुहुयादाज्यमन्वहम्। सूक्तं पञ्चदशर्चं च श्रीकामः सततं जपेत्॥