वैदिक पंचाक्षरी महामंत्र
ॐ नमः शिवाय
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
मैं भगवान शिव (जो कल्याणकारी हैं) को नमन करता हूँ। यह अंतरात्मा (चेतना) को पुकारने का नाद है 13।
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्वपाप नाश, आत्म-साक्षात्कार, नकारात्मक ऊर्जा का शमन, और पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) का संतुलन
विस्तृत लाभ
सर्वपाप नाश, आत्म-साक्षात्कार, नकारात्मक ऊर्जा का शमन, और पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) का संतुलन 12।
जप काल
प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त, प्रदोष काल, रुद्राक्ष माला से 108 बार मानसिक या वाचिक जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यशोदानन्दनाय नमः
ॐ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।
स्वस्ति श्रीगणनायको गजमुखो मोरेश्वरः सिद्धिदः बल्लाळस्तु विनायकस्तथा मढे चिन्तामणिस्थेवर । लेण्याद्रौ गिरिजात्मजः सुवरदो विघ्नेश्वरश्चोझरे ग्रामे रांजणसंस्थितो गणपतिः कुर्यात् सदा मङ्गलम् ॥
ॐ रामभद्राय नमः
ॐ स्कन्धौ मे पातु भद्रोऽसौ स्कन्ध-भुजायुधः
ह्रीं भैरव भयंकरहर मां रक्ष-रक्ष हुं फट् स्वाहा।