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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

नृसिंह (नरसिंह) गायत्री मंत्र

ॐ नरसिंहाय विद्महे वज्रनखाय धीमहि तन्नो नरसिंहः प्रचोदयात्।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपउग्र नृसिंह
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हम वज्र के समान नखों वाले भगवान नरसिंह का ध्यान करते हैं; वे हमारी रक्षा करते हुए हमें प्रेरित करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

साहस, वीरता की वृद्धि और अचानक आने वाले अज्ञात भय का नाश

विस्तृत लाभ

साहस, वीरता की वृद्धि और अचानक आने वाले अज्ञात भय का नाश 11।

जप काल

सायं गोधूलि वेला।

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