शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कूर्म गायत्री मंत्र
ॐ कच्छपेशाय विद्महे महाकूर्माय धीमहि तन्नो कूर्मः प्रचोदयात्।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकूर्म अवतार
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में असीम धैर्य और स्थिरता की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
जीवन में असीम धैर्य और स्थिरता की प्राप्ति 68।
जप काल
नींव पूजन या स्थायित्व चाहने पर।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सहस्राणि सहस्रशो ये रुद्रा अधि भूम्याम्। तेषां सहस्रयोजनेऽवधन्वानि तन्मसि॥
ॐ शिंशुमाराय नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम पूर्ण तंत्र सिद्धिं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ नमः शिवाय।
ॐ वर्णिनें नमः
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18
घ्राणं पातु महालक्ष्मीः कण्ठं पातु सरस्वती। भुजौ तु पातु वरदा हृदय पातु सुन्दरी॥