शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ त्रिविक्रमाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपत्रिविक्रम
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
तीन पगों में तीनों लोकों को नापने वाले को नमन।
जप काल
प्रवास या लंबी यात्रा के समय
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दुर्गतोद्धारिण्यै नमः
कल्हार शालि कमलेक्षुक चाप बाण दन्तप्ररोहक गदी कनकोज्ज्वलाङ्गः । आलिङ्गनोद्यतकरो हरिताङ्गयष्ट्या देव्या दिशत्वभयम् ऊर्ध्वगणाधिपो मे ॥
हरि राम हरि राम, राम राम हरि हरि (Hari Ram Hari Ram, Rama Rama Hari Hari)
ॐ नित्यक्रीडाय नमः
अस्य घा वीर ईवतोऽग्नेरीशीत मर्त्यः । तिग्मजम्भस्य मीळ्हुषः ॥
ॐ ब्रह्मण्याय नमः