आत्मा और मोक्षआत्मा शरीर के किस हिस्से से निकलती है मृत्यु समयआत्मा ब्रह्मरंध्र (सिर) से निकले → मोक्ष/उत्तम गति (गीता 8.12-13)। नेत्र → देवलोक, नासिका → अंतरिक्ष, मुख → पुनर्जन्म, गुदा → अधोगति। योगी प्राण को सुषुम्ना नाड़ी से ब्रह्मरंध्र तक ले जाते हैं। निर्गमन कर्म और साधना पर निर्भर।#आत्मा#निर्गमन#द्वार
आत्मा और मोक्षमरने के बाद आत्मा अपने परिवार को देख सकती है क्यागरुड़ पुराण अनुसार 13 दिन तक आत्मा प्रेत शरीर में परिवार के पास रहती और देख सकती है, पर संवाद नहीं कर सकती। 13 दिन बाद यमलोक जाती है। श्राद्ध/तर्पण में पितृ आत्माएं आती हैं। यह आस्था आधारित विषय है।#आत्मा#परिवार#प्रेत