गृहस्थ धर्मअंतिम समय गीता कौन सा श्लोक सुनाएंगीता 8.5 (अंतिम स्मरण=गति), 18.66 ('शरण आजा=मुक्त'), 2.22 (शरीर=कपड़े)। 'राम'/महामृत्युंजय जप। गंगाजल। शांत वातावरण; रोएं नहीं (आत्मा सुनती)।#अंतिम समय#गीता#श्लोक
गृहस्थ धर्मपरिवार हवन कैसे करेंकुंड+आम लकड़ी+घी+सामग्री। गणेश→अग्नि→'स्वाहा' आहुति→गायत्री 108→पूर्णाहुति। परिवार सब बारी-बारी। रविवार/पूर्णिमा। शुद्धि+एकता+संस्कार।#परिवार#हवन#विधि
गृहस्थ धर्मगृहस्थ जीवन में अतिथि सत्कार का महत्व?'अतिथिदेवो भव'(तैत्तिरीय)। पंचमहायज्ञ=अतिथि सेवा=देव पूजा। जल→आसन→भोजन→विदाई। नकुल-नेवला कथा(अतिथि पुण्य)। Hospitality=भारतीय DNA।#अतिथि#सत्कार#गृहस्थ