वास्तु शास्त्रघर में उत्तर पूर्व (ईशान) कोने में पानी रखने से क्या वास्तु लाभ होता है?ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) जल तत्व की दिशा है। यहाँ पानी का कलश, मटका या छोटा फव्वारा रखने से धन-वृद्धि, मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। भारी टंकी ऊपर न रखें।#ईशान कोण#उत्तर पूर्व#वास्तु
वास्तु शास्त्रवास्तु पिरामिड कहाँ रखें और इसके क्या लाभ हैंवास्तु पिरामिड आधुनिक वास्तु उपाय है — प्राचीन शास्त्रों में इसका उल्लेख नहीं है। ब्रह्म स्थान (घर के केंद्र) या दोषित क्षेत्र में रखें। वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। शास्त्रसम्मत उपाय चाहें तो हवन और यंत्र स्थापना बेहतर विकल्प हैं।#वास्तु पिरामिड#ऊर्जा#वास्तु उपाय
वास्तु शास्त्रघर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक लगाने का क्या लाभ हैमुख्य द्वार पर स्वस्तिक लगाने से शुभ ऊर्जा का प्रवेश, विघ्न निवारण, लक्ष्मी आगमन और दृष्टि दोष से रक्षा होती है। कुमकुम/हल्दी से या तांबे का स्वस्तिक द्वार के दोनों ओर लगाएं। यह गणेश जी और कल्याण का प्रतीक है।#स्वस्तिक#मुख्य द्वार#शुभ चिह्न
वास्तु शास्त्रपूजा घर में चांदी का कछुआ रखने से क्या फायदाचांदी का कछुआ धन-समृद्धि, माँ लक्ष्मी की कृपा और आर्थिक स्थिरता के लिए शुभ है। उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में पानी के पात्र में रखें। विष्णु के कूर्म अवतार का प्रतीक।#वास्तु#चांदी का कछुआ#पूजा घर
वास्तु शास्त्रवास्तु अनुसार मुख्य द्वार पर तोरण बांधने का लाभतोरण नकारात्मक ऊर्जा रोकता है, देवताओं का स्वागत करता है, लक्ष्मी-गणेश की कृपा लाता है। आम/अशोक पत्ते शुभ। पत्ते सूखने पर तुरंत बदलें। 11, 21 या 51 पत्ते रखें।#वास्तु#तोरण#मुख्य द्वार
वास्तु शास्त्रपूजा घर में क्रिस्टल बॉल रखने का वास्तु में क्या लाभक्रिस्टल बॉल नकारात्मक ऊर्जा को सोखकर सकारात्मकता बढ़ाती है। पूजा घर में रखने से वातावरण शुद्ध होता है। बच्चों के कमरे में एकाग्रता बढ़ती है। धूप में रखकर सक्रिय करें।#वास्तु#क्रिस्टल बॉल#पूजा घर