वास्तु शास्त्रफैक्ट्री में वास्तु दोष निवारण कैसे करेंफैक्ट्री वास्तु: द्वार पूर्व/उत्तर, मालिक नैऋत्य में, भारी मशीनें दक्षिण-पश्चिम में, तैयार माल वायव्य (शीघ्र बिक्री), अग्नि स्रोत आग्नेय, जल ईशान में। बिना तोड़-फोड़: स्वस्तिक, यंत्र, हवन, ईशान में जल, सफाई-व्यवस्था बनाएं।#फैक्ट्री#वास्तु#औद्योगिक वास्तु
वास्तु शास्त्रदफ्तर में वास्तु के अनुसार कैसे बैठें कार्य सफलतामुख पूर्व (ऊर्जा) या उत्तर (बुद्धि), पीठ ठोस दीवार। दरवाजा दिखना चाहिए। डेस्क पर कंप्यूटर आग्नेय में, जल ईशान में। डेस्क स्वच्छ-व्यवस्थित। बीम/शौचालय दीवार से दूर। कैक्टस न रखें।#दफ्तर#बैठक#कार्य सफलता
वास्तु शास्त्रकिराये के घर में वास्तु उपाय कैसे करेंकिराये के घर में बिना तोड़-फोड़: फर्नीचर सही दिशा में रखें, ईशान कोण में जल/तुलसी, द्वार पर स्वस्तिक/दीपक, कोनों में नमक, शंख ध्वनि, शुभ रंग के पर्दे, और स्वच्छता बनाएं। घर लेने से पहले द्वार दिशा और शौचालय स्थिति अवश्य देखें।#किराये का घर#वास्तु उपाय#बिना तोड़-फोड़
वास्तु शास्त्रगृह प्रवेश में वास्तु पूजा कैसे करें विधि सहितगृह प्रवेश विधि: शुभ मुहूर्त में गंगाजल से शुद्धि → गणपति पूजन → वास्तु पुरुष पूजन → नवग्रह पूजन → दिक्पाल पूजन → वास्तु शांति हवन → पूर्णाहुति → दाहिने पैर से प्रवेश → रसोई में दूध उबालना।#गृह प्रवेश#वास्तु पूजा#हवन
वास्तु शास्त्रनवग्रह पूजा से वास्तु दोष का निवारण कैसे करेंवास्तु में प्रत्येक दिशा का स्वामी ग्रह है। दोषित दिशा के अनुसार उस ग्रह की शांति करें — जैसे ईशान दोष में गुरु शांति, दक्षिण दोष में मंगल शांति। नवग्रह पूजा/हवन योग्य पंडित से कराएं।#नवग्रह#वास्तु दोष#ग्रह शांति