जप की शास्त्र सम्मत विधिजप में तर्जनी उंगली क्यों वर्जित है?
तर्जनी 'अहंकार' का प्रतीक है — इसका उपयोग आरोप, आदेश और क्रोध के लिए होता है। जप पूर्ण समर्पण और भक्ति का कार्य है, अहंकार का लेशमात्र स्थान नहीं। तर्जनी से जप की सात्विक ऊर्जा दूषित होकर साधना निष्फल हो सकती है।
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