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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

लोक

नाभि-कमल का सरल अर्थ क्या है?

यह विष्णु की नाभि से निकला सृष्टि-आरंभ का कमल है।

नाभि-कमलसरल अर्थसृष्टि
लोक

सृष्टि-पूर्व चेतना क्या होती है?

यह सृष्टि से पहले की अव्यक्त जागृत चेतना है।

सृष्टि-पूर्वचेतनायोगनिद्रा
लोक

योगनिद्रा से जागरण का मतलब क्या है?

यह सृष्टि के नए चक्र की शुरुआत का संकेत है।

योगनिद्राजागरणसृष्टि
लोक

ब्रह्मा जी सृष्टि के लिए तैयार कैसे हुए?

भगवान के ज्ञान से वे सृष्टि-रचना के योग्य बने।

ब्रह्मासृष्टिज्ञान
लोक

ब्रह्मा जी का अज्ञान कैसे मिटा?

तपस्या और चतुःश्लोकी ज्ञान से उनका अज्ञान मिटा।

ब्रह्माअज्ञानचतुःश्लोकी
लोक

तत्त्वजिज्ञासु किसे कहते हैं?

जो परम सत्य को जानना चाहता है, वह तत्त्वजिज्ञासु है।

तत्त्वजिज्ञासुज्ञानसत्य
लोक

अन्वय-व्यतिरेक से सत्य कैसे समझते हैं?

जो हर जगह और हर समय रहे, वही सत्य समझा जाता है।

अन्वयव्यतिरेकपरम सत्य
लोक

व्यतिरेक क्या होता है?

व्यतिरेक अस्थायी चीजों को अलग कर सत्य पहचानने की विधि है।

व्यतिरेकज्ञानचतुःश्लोकी
लोक

अन्वय क्या होता है?

अन्वय सत्य की उपस्थिति पहचानने की विधि है।

अन्वयज्ञानचतुःश्लोकी
लोक

लकड़ी में अग्नि वाला उदाहरण क्या है?

यह भगवान की छिपी हुई सर्वव्यापक उपस्थिति समझाता है।

लकड़ीअग्निविष्णु
लोक

पंचमहाभूत का उदाहरण क्या बताता है?

यह ईश्वर की सर्वव्यापकता और निर्लिप्तता समझाता है।

पंचमहाभूतईश्वरचतुःश्लोकी
लोक

भगवान जगत से अलग कैसे हैं?

वे जगत में रहते हुए भी उससे बँधे नहीं हैं।

निर्लिप्तभगवानजगत
लोक

भगवान हर जगह कैसे हैं?

भगवान सबमें व्याप्त हैं, पर किसी एक वस्तु में सीमित नहीं।

सर्वव्यापकभगवानचतुःश्लोकी
लोक

दो चंद्रमा वाला उदाहरण क्या है?

यह माया के भ्रम और आभास को समझाने वाला उदाहरण है।

मायादो चंद्रमाआभास
लोक

माया को छाया जैसा क्यों कहा गया?

क्योंकि माया छाया की तरह स्वतंत्र सत्य नहीं है।

मायाछायाआभास
लोक

माया क्या होती है?

माया जगत को भगवान से अलग दिखाने वाला आभास है।

मायाआभासभगवान
लोक

भगवान ने माया के बारे में क्या बताया?

भगवान ने माया को उनसे अलग प्रतीत होने वाला आभास बताया।

मायाचतुःश्लोकीभगवान
लोक

सृष्टि के बाद क्या बचता है?

सृष्टि के बाद भी परम भगवान ही शेष रहते हैं।

सृष्टिप्रलयपरम सत्य
लोक

सृष्टि से पहले कौन था?

सृष्टि से पहले केवल भगवान ही थे।

सृष्टिभगवानचतुःश्लोकी
लोक

अहमेवासमेवाग्रे का सरल अर्थ क्या है?

सृष्टि से पहले, बीच और अंत में केवल भगवान ही सत्य हैं।

अहमेवासमेवाग्रेचतुःश्लोकीअद्वैत
लोक

चतुःश्लोकी भागवत कहाँ मिलती है?

यह श्रीमद्भागवत स्कंध २, अध्याय ९ में मिलती है।

चतुःश्लोकीश्रीमद्भागवतस्कंध 2
लोक

चतुःश्लोकी भागवत में कितने श्लोक हैं?

चतुःश्लोकी भागवत में चार श्लोक हैं।

चतुःश्लोकीचार श्लोकभागवत
लोक

चतुःश्लोकी भागवत किसे दी गई?

चतुःश्लोकी भागवत ब्रह्मा जी को दी गई।

चतुःश्लोकीब्रह्माभागवत
लोक

चतुःश्लोकी भागवत किसने दी?

भगवान विष्णु ने ब्रह्मा जी को चतुःश्लोकी दी।

चतुःश्लोकीविष्णुब्रह्मा

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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