पौ·राणिक
मंगलवार — अशुभ काल
26.5मई 2026
Chak English Chak Chain Singh · 26 मई 2026
राहुकाल · यमगण्ड · गुलिक·सूर्योदय 05:11·सूर्यास्त 18:45
Chak English Chak Chain Singh
उत्तर प्रदेश
IST · UTC +05:30
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आज राहु काल
अशुभ
15:21 — 17:03
01
अशुभ काल — तीन प्रमुख वर्ज्य अंतराल
दिनमान को आठ भागों में बाँटकर राहु / यम / गुलिक के अंश निकाले जाते हैं — प्रत्येक वार के लिए स्थान बदलता है।
शुभ मुहूर्त इन अंतरालों में आरंभ न करें — चालू कार्य निरापद हैं।
राहु काल
15:21 — 17:03
राहु का अधिकार समय — नया कार्य, यात्रा, अनुष्ठान, क्रय-विक्रय इस अंतराल में आरंभ न करें।
यमगण्ड
08:34 — 10:16
यम का अधिकार समय — सरकारी कार्य, कानूनी निर्णय, स्थायी अनुबंध इस अंतराल में टालें।
गुलिक काल
11:58 — 13:39
शनि-पुत्र मन्द का अंश — गुलिक काल में आरंभ कार्य पुनरावृत्त होते हैं; इसलिए दान-पुण्य का योग्य।
राहु काल क्या है?
दिनमान को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है; इनमें से एक भाग पर राहु का अधिकार माना गया है। यह भाग वार के अनुसार बदलता है। शास्त्र इसे नये कार्य के आरंभ हेतु त्याज्य कहते हैं।
यम गण्ड
यम के अधिकार का अंश — दिनमान का अष्टमांश। कानूनी, सरकारी और स्थायी निर्णयों के आरंभ हेतु त्याज्य। चालू कार्य, यात्रा-प्रत्यागमन, चिकित्सा-अनुसरण निरापद हैं।
गुलिक काल
शनि-पुत्र मन्द (गुलिक) का अंश। इस अंतराल में किया गया कार्य पुनरावृत्त होता है — इसलिए शुभ आरंभ टालें, परंतु दान-पुण्य, पितृ-तर्पण, श्राद्ध-कर्म अनुकूल माने गए हैं।
03
वार अनुसार राहु काल का अंश
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के 8 बराबर अंशों में राहु का स्थान — सात वारों का स्थायी क्रम।
यह तालिका शास्त्रीय परंपरा से है — वास्तविक समय अक्षांश-रेखांश पर निर्भर है।
वार क्रम
सोमवार से शनिवार01
रविवारस्वामी · सूर्य
8वाँ अंश
02
सोमवारस्वामी · चन्द्र
2रा अंश
03
मंगलवारस्वामी · मंगल
7वाँ अंश
04
बुधवारस्वामी · बुध
5वाँ अंश
वार क्रम
शेष05
गुरुवारस्वामी · गुरु
6ठा अंश
06
शुक्रवारस्वामी · शुक्र
4था अंश
07
शनिवारस्वामी · शनि
3रा अंश
अन्य प्रमुख नगरों के राहु काल
गणना
सूर्योदय-सूर्यास्त आधारित · दृक्
अंशदान
दिनमान ÷ 8 · वार आधारित स्थान
समय क्षेत्र
Chak English Chak Chain Singh · IST
ॐ तत् सत्