१८ अक्षर का मन्त्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी
अच्युताय अनन्ताय गोविन्दाय रोग निवारण १८ अक्षर मंत्र -रुद्रयामल तंत्र
श्रीदेवता✦ अच्युत, अनन्त, गोविन्द
रोग निवारण मंत्रविष्णु मंत्रअच्युत मंत्रगोविन्द मंत्ररुद्रयामल तंत्र
तंत्र संदर्भ
स्रोत में ‘अच्युताय नमः अनन्ताय नमः गोविन्दाय नमः’ को १८ अक्षर का मन्त्र बताया गया है और सर्वविध रोगों की निवृत्ति, दवा अभिमन्त्रण तथा रुग्णावस्था में निरन्तर स्मरण का विधान दिया गया है।
मूल मंत्र
‘अच्युताय नमः अनन्ताय नमः गोविन्दाय नमः’ यह १८ अक्षर का मन्त्र सर्वविध रोगों की निवृत्ति के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। कोई भी दवा आदि लेने से पूर्व इस मन्त्र से उस दवा को अभिमन्त्रित कर लेना चाहिए। रुग्णावस्था में निरन्तर स्मरण करते रहना पूर्ण लाभकारी है।
साधना विधि
स्रोत के अनुसार कोई भी दवा आदि लेने से पूर्व इस मन्त्र से उस दवा को अभिमन्त्रित कर लेना चाहिए। रुग्णावस्था में निरन्तर स्मरण करते रहना पूर्ण लाभकारी है।
प्रयोग — कब और कहाँ
- सर्वविध रोगों की निवृत्ति
- दवा अभिमन्त्रण
- रुग्णावस्था में निरन्तर स्मरण
लाभ
- सर्वविध रोगों की निवृत्ति के लिए महत्त्वपूर्ण बताया गया
- दवा को अभिमन्त्रित करने का विधान दिया गया
- रुग्णावस्था में निरन्तर स्मरण को पूर्ण लाभकारी बताया गया
मूल पाठ (तंत्र से उद्धरण)
‘अच्युताय नमः अनन्ताय नमः गोविन्दाय नमः’ यह १८ अक्षर का मन्त्र सर्वविध रोगों की निवृत्ति के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। कोई भी दवा आदि लेने से पूर्व इस मन्त्र से उस दवा को अभिमन्त्रित कर लेना चाहिए। रुग्णावस्था में निरन्तर स्मरण करते रहना पूर्ण लाभकारी है।
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