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दशाक्षरी अमृतमृत्युंजय विद्यारुद्रयामल तंत्रहिन्दी

अमृतमृत्युंजय दशाक्षरी मंत्र ॐ जूं सः मां पालय पालय -रुद्रयामल तंत्र

श्रीदेवतामहामृत्युंजय भगवान् महादेव

शिव साधनामहामृत्युंजय मंत्रअमृतमृत्युंजय विद्यादशाक्षरी मंत्ररुद्रयामल तंत्र

तंत्र संदर्भ

महामृत्युंजय के नाम से प्राप्त होने वाले विभिन्न मन्त्रों के स्वरूप में पाँचवाँ रूप दशाक्षरी—(अमृतमृत्युंजय विद्या) दिया गया है। स्रोत में इसे क्रमांक २ के मन्त्र में "मां पालय पालय" जोड़कर बनने वाला दस अक्षरों का मन्त्र बताया गया है।

मूल मंत्र

महामृत्युंजय के नाम से प्राप्त होने वाले विभिन्न मन्त्रों के स्वरूप

५. दशाक्षरी—(अमृतमृत्युंजय विद्या)

क्रमांक २ के मन्त्र में "मां पालय पालय" जोड़ने पर यह दस
अक्षरों वाला मन्त्र बनता है। साथ ही यदि किसी अन्य रोगी की रक्षा
के लिए जप करना हो, तो "मां" के स्थान पर "रोगी का नाम" द्वितीया
विभक्ति का एक वचन बनाकर जोड़ देना चाहिए।

बीज मंत्र

जूंसःमांपालय पालय

साधना विधि

यदि किसी अन्य रोगी की रक्षा के लिए जप करना हो, तो "मां" के स्थान पर "रोगी का नाम" द्वितीया विभक्ति का एक वचन बनाकर जोड़ देना चाहिए।

प्रयोग — कब और कहाँ

  • अमृतमृत्युंजय विद्या
  • दशाक्षरी मन्त्र
  • रोगी की रक्षा
  • शिव साधना

लाभ

  • रोगी की रक्षा के लिए जप