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आयुष्कर मृत्युंजय मन्त्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी

आयुष्कर अनुष्टुप्त्रय मृत्युंजय मंत्र ब्रह्मा नृसिंह त्र्यम्बक -रुद्रयामल तंत्र

श्रीदेवताब्रह्मा, नृसिंहविष्णु और त्र्यम्बकरुद्र

मृत्युंजय मन्त्रआयुष्कर मन्त्रअनुष्टुप्त्रयरुद्रयामल तंत्र

तंत्र संदर्भ

स्रोत में इसे “वैश्विकल्प” के तीन अनुष्टुप् मन्त्रों का एक प्रयोग बताया गया है, जिसमें ब्रह्मा, नृसिंहविष्णु और त्र्यम्बकरुद्र तीनों के वैदिक मन्त्र हैं।

मूल मंत्र

ॐ हंसात्मको यो अपामग्नेस्तेजसा दीप्यमानः।
स नो मृत्योस्त्रायतां नमो ब्रह्मणे विश्वनाभिः॥
ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।
नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिनं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

प्रयोग — कब और कहाँ

  • आयुष्कर मृत्युंजय मन्त्र
  • अनुष्टुप्त्रय प्रयोग
  • ब्रह्मा नृसिंह त्र्यम्बक वैदिक मन्त्र

लाभ

  • आयुष्कर

मूल पाठ (तंत्र से उद्धरण)

२२. अनुष्टुप्त्रय-आयुष्कर मृत्युंजय मन्त्र “वैश्विकल्प” में तीन अनुष्टुप् मन्त्रों का एक प्रयोग दिया गया है, जिसमें “ब्रह्मा, नृसिंहविष्णु और त्र्यम्बकरुद्र” तीनों के वैदिक मन्त्र हैं। यथा—

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