बाल भैरव पूजा मन्त्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी
बाल भैरव पूजा मंत्र और वटुक भैरव आपदुद्धारण मंत्र -रुद्रयामल तंत्र
श्रीदेवता✦ बाल भैरव / वटुक भैरव
भैरव साधनाबाल भैरव पूजावटुक भैरव मन्त्ररुद्रयामल तंत्र
तंत्र संदर्भ
स्रोत में '(ङ) कुमारी-पूजन-प्रयोग' के अंतर्गत पूजा-मन्त्र के बाद बाल भैरव की पूजा का मन्त्र-विधान दिया गया है।
मूल मंत्र
बाल भैरव की पूजा में 'कर कलित कपालः' अथवा 'वन्दे बालं' इत्यादि पद्यों से ध्यान-प्रणाम करके "ॐ ह्रीं वं वटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु वटुकाय ह्रीं ॐ" इस मन्त्र के साथ 'बाल भैरवाय नमः' जोड़कर पूजा करे।
बीज मंत्र
ह्रींवं
साधना विधि
बाल भैरव की पूजा में 'कर कलित कपालः' अथवा 'वन्दे बालं' इत्यादि पद्यों से ध्यान-प्रणाम करके "ॐ ह्रीं वं वटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु वटुकाय ह्रीं ॐ" इस मन्त्र के साथ 'बाल भैरवाय नमः' जोड़कर पूजा करे।
प्रयोग — कब और कहाँ
- बाल भैरव पूजा
- वटुक भैरव मन्त्र प्रयोग
- आपदुद्धारण मन्त्र
- ध्यान-प्रणाम
- कुमारी पूजन में भैरव पूजा
लाभ
- बाल भैरव पूजन का मन्त्र-विधान
- ध्यान-प्रणाम के बाद पूजा का निर्देश
- आपदुद्धारण मन्त्र के साथ पूजा
- 'बाल भैरवाय नमः' जोड़ने का विधान
मूल पाठ (तंत्र से उद्धरण)
बाल भैरव की पूजा में 'कर कलित कपालः' अथवा 'वन्दे बालं' इत्यादि पद्यों से ध्यान-प्रणाम करके "ॐ ह्रीं वं वटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु वटुकाय ह्रीं ॐ" इस मन्त्र के साथ 'बाल भैरवाय नमः' जोड़कर पूजा करे।
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