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शिव ध्यान मंत्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी

भगवान शिव तांत्रिक उपासना ध्यान मंत्र -रुद्रयामल तंत्र

श्रीदेवताभगवान शिव

शिव साधनातांत्रिक उपासनाशिव ध्यानरुद्रयामल तंत्र

तंत्र संदर्भ

रुद्रयामल में भगवान शिव की तान्त्रिक उपासना के प्रसंग में शिव ध्यान, पंचाक्षर/षडक्षर मन्त्र 'ॐ नमः शिवाय' और शिव-गुरु नमस्कार पद्य दिया गया है।

मूल मंत्र

७. भगवान शिव की तान्त्रिक उपासना

आगम और तन्त्रों में भगवान शिव की उपासना के अनेक प्रकार वर्णित हैं। वैदिक काल से ही आदिदेव के रूप में शिव, रुद्र, शंकर, शम्भु आदि नामों से सर्वदेव-नमस्कृत शिव पूज्य हैं।

ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारु-चन्द्रावतंसं,
रत्नाकल्पोज्ज्वलाङ्गं परशु-मृग-वराभीतिहस्तं प्रसन्नम्।
पद्मासीनं समन्तात् स्तुतममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं,
विश्वाद्यं विश्ववन्द्यं निखिलभयहरं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रम्॥

शिवोपासना के लिए पंचाक्षर अथवा षडक्षर-मन्त्र 'ॐ नमः शिवाय' की सर्वोपरि महत्ता है। यह पंचमहाफल-प्रद है।

हेतवे जगतामेव संसारार्णव-सेतवे।
प्रभवे सर्वविद्यानां शम्भवे गुरवे नमः॥

बीज मंत्र

साधना विधि

शिवोपासना के लिए पंचाक्षर अथवा षडक्षर-मन्त्र 'ॐ नमः शिवाय' की सर्वोपरि महत्ता बताई गई है।

प्रयोग — कब और कहाँ

  • भगवान शिव की तान्त्रिक उपासना
  • शिव ध्यान
  • ॐ नमः शिवाय जप
  • सर्वविद्या साधना
  • शिवोपासना

लाभ

  • निखिल भयहरण
  • शिवोपासना
  • सर्वविद्या का आधार
  • पंचमहाफल-प्रद