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प्रार्थना मंत्र / अनुज्ञा मंत्ररुद्रयामल तंत्रसंस्कृत + हिन्दी

भैरवनाथ अनुज्ञा प्रार्थना मंत्र -रुद्रयामल तंत्र

श्रीदेवताभगवान् भैरवनाथ

भगवान् भैरवनाथ की कृपा-प्राप्तिभैरव-परिचयभैरव साधना

तंत्र संदर्भ

तन्त्रशास्त्र के प्रवर्तक आचार्यों ने प्रत्येक उपासना-कर्म की सिद्धि के लिए किये जाने वाले जप-पाठादि कर्मों के आरम्भ में भगवान् भैरवनाथ की आज्ञा प्राप्त करने का निर्देश किया है। इसीलिए हम प्रार्थना करते हैं—

मूल मंत्र

अतिक्रूर महाकाय, कल्पान्त-दहनोपम !!
भैरवाय नमस्तुभ्यमनुज्ञां दातुमर्हसि ॥

साधना विधि

इससे यह स्पष्ट है कि सभी पूजा-पाठों की आरम्भिक प्रक्रिया में भैरवनाथ का स्मरण, पूजन, मन्त्रजप आदि आवश्यक होते हैं।

प्रयोग — कब और कहाँ

  • उपासना-कर्म के आरम्भ में
  • जप-पाठादि कर्मों के आरम्भ में
  • भगवान् भैरवनाथ की आज्ञा प्राप्त करने के लिए

लाभ

  • उपासना-कर्म की सिद्धि के लिए आरम्भिक प्रार्थना
  • भगवान् भैरवनाथ की आज्ञा प्राप्ति
  • पूजा-पाठों की आरम्भिक प्रक्रिया में स्मरण योग्य