प्रार्थना मंत्र / अनुज्ञा मंत्ररुद्रयामल तंत्रसंस्कृत + हिन्दी
भैरवनाथ अनुज्ञा प्रार्थना मंत्र -रुद्रयामल तंत्र
श्रीदेवता✦ भगवान् भैरवनाथ
भगवान् भैरवनाथ की कृपा-प्राप्तिभैरव-परिचयभैरव साधना
तंत्र संदर्भ
तन्त्रशास्त्र के प्रवर्तक आचार्यों ने प्रत्येक उपासना-कर्म की सिद्धि के लिए किये जाने वाले जप-पाठादि कर्मों के आरम्भ में भगवान् भैरवनाथ की आज्ञा प्राप्त करने का निर्देश किया है। इसीलिए हम प्रार्थना करते हैं—
मूल मंत्र
अतिक्रूर महाकाय, कल्पान्त-दहनोपम !! भैरवाय नमस्तुभ्यमनुज्ञां दातुमर्हसि ॥
साधना विधि
इससे यह स्पष्ट है कि सभी पूजा-पाठों की आरम्भिक प्रक्रिया में भैरवनाथ का स्मरण, पूजन, मन्त्रजप आदि आवश्यक होते हैं।
प्रयोग — कब और कहाँ
- उपासना-कर्म के आरम्भ में
- जप-पाठादि कर्मों के आरम्भ में
- भगवान् भैरवनाथ की आज्ञा प्राप्त करने के लिए
लाभ
- उपासना-कर्म की सिद्धि के लिए आरम्भिक प्रार्थना
- भगवान् भैरवनाथ की आज्ञा प्राप्ति
- पूजा-पाठों की आरम्भिक प्रक्रिया में स्मरण योग्य