दशाक्षरी श्रीराम मन्त्ररुद्रयामल तंत्रहिन्दी
दशाक्षरी श्रीराम मंत्र जानकीवल्लभ जप विधि -रुद्रयामल तंत्र
श्रीदेवता✦ श्रीजानकीवल्लभ
श्रीराम मंत्रदशाक्षरी मंत्रजानकीवल्लभ मंत्रवैष्णव मंत्ररुद्रयामल तंत्र
तंत्र संदर्भ
स्रोत में दशाक्षरी श्रीराम मन्त्र के अंतर्गत विनियोग, ऋष्यादि न्यास, कर हृदयादि न्यास, ध्यान और मूल मन्त्र दिया गया है। विनियोग में ममैश्वर्यप्राप्तये जपे का उल्लेख है।
मूल मंत्र
दशाक्षरी श्रीराम मन्त्र--अस्य श्रीराममन्त्रस्य अगस्त्य ऋषिः गायत्री छन्दः श्रीजानकीवल्लभः देवता ममैश्वर्यप्राप्तये जपे विनियोगः। ऋष्यादि न्यास--अगस्त्यर्षये नमः (शिरसि), गायत्री छन्दसे नमः (मुखे), श्रीजानकीवल्लभदेवतायै नमः (हृदये), विनियोगाय नमः (सर्वांगे)। कर हृदयादि न्यास--मूल मन्त्र द्वारा। ध्यान--श्रीरामः सर्वलोकानां सर्वदुःखनिवारकः। ददातु प्रत्यहं मह्यं जानकीवल्लभः प्रियम्॥ मूल मन्त्र--श्रीजानकीवल्लभाय स्वाहा।
साधना विधि
स्रोत में दशाक्षरी श्रीराम मन्त्र के लिए विनियोग, ऋष्यादि न्यास और कर हृदयादि न्यास के बाद ध्यान तथा मूल मन्त्र 'श्रीजानकीवल्लभाय स्वाहा' दिया गया है।
प्रयोग — कब और कहाँ
- श्रीराम मन्त्र जप
- ऐश्वर्य प्राप्ति
- दशाक्षरी मन्त्र
- ऋष्यादि न्यास
- कर हृदयादि न्यास
- ध्यान
लाभ
- ऐश्वर्यप्राप्ति के लिए जप विनियोग दिया गया
- ध्यान में सर्वदुःखनिवारकः का उल्लेख है
मूल पाठ (तंत्र से उद्धरण)
दशाक्षरी श्रीराम मन्त्र--अस्य श्रीराममन्त्रस्य अगस्त्य ऋषिः गायत्री छन्दः श्रीजानकीवल्लभः देवता ममैश्वर्यप्राप्तये जपे विनियोगः। ऋष्यादि न्यास--अगस्त्यर्षये नमः (शिरसि), गायत्री छन्दसे नमः (मुखे), श्रीजानकीवल्लभदेवतायै नमः (हृदये), विनियोगाय नमः (सर्वांगे)। कर हृदयादि न्यास--मूल मन्त्र द्वारा। ध्यान--श्रीरामः सर्वलोकानां सर्वदुःखनिवारकः। ददातु प्रत्यहं मह्यं जानकीवल्लभः प्रियम्॥ मूल मन्त्र--श्रीजानकीवल्लभाय स्वाहा।
[object Object]